Bulbulo ke Pankho mein bandhe hue kabhi Baaz nahi rehte Buzdilo aur Kayaro ke Haath Kabhi Raaz Nahi Rehte Ser Jhuka ke Chalne ki aadat pad jaaye jis Insaan Ko Us Insaan ke Ser Per Kabhi Taaj Naahi Rehte
इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट
Attitude status 2 line
tum kyu nahi samjhe..
इन लबों की बेजुबानी तुम नहीं समझे, क्यूं था आंख मे पानी तुम नहीं समझे, यूं तो समझ लेते हो हर गैर जरुरी बात, कभी ज़ज्बात के मानी तुम नहीं समझे, हम तसव्वुर में भी रख दे जां हथेली पर, साथ रहकर भी कहानी तुम नहीं समझे, गिले शिकवे कब के छोड़ दिए हैं हमने, क्यों मुस्कुराने की ठानी तुम नहीं समझे, जर्रे-जर्रे में प्रेम फैल गया खुश्बू बन कर, कब पुष्प ने दी कुर्बानी तुम नहीं समझे।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें