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मै इश्क हूँ

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 कुदरत का मांझी बख़्श दे, फिर धार क्या, मझधार क्या..!! 2. कौन समझ पाया आज तक हमें ❗ हम अपने हादसों के इकलौते गवाह है‼️ 3. शराब कभी एक्सपायर नहीं होती, बस पीने वाले एक्सपायर हो जातें हैं.. 4. तलाश करना मुझे अपने दिल में कहीं, जो दर्द हो तो समझना अभी खोया नहीं हूँ में..!!

Attitude status 2 line

 1  जब मन भर जाए, तो बेहतरीन भी बेकार लगता है...🖤 2. देखता रहता हूँ तुम्हारी तस्वीर को,  सोचता रहता हूँ अपनी औकात के बारे में...🖤 3. कोई "चलता" रहा, तो कोई "ढ़लता" रहा...! 4. थामों हाथ किसी का तो ये ख़्याल रखना.. बिछड़ने का कारण कुछ और ना हो मौत के सिवा. ❤️

कोई रिश्ता नजर नहीं आता, शोहरतों में नशा गजब का है..

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 वो कभी शहर से गुजरे तो जरा पूछेंगे, जख्म हो जाते हैं किस तरह.....दवा पूछेंगे..!! दूरियाँ तो पहले भी मीलों की थीं, महसूस मुझे अब होने लगी हैं...! दुःख हुआ के शक किया तुम पर ,, दुःख रहेगा कि शक सही निकला!!

Nilesh Singh Rajput

 Naveen Kumar Sanwariya 

Me and munish

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Nilesh Singh Rajput

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Nilesh Singh Rajput

वो वापस क्यों नही लौटे....

Badal gaye hai wo log...

बदल गये हैं लोग आहिस्ता...आहिस्ता......अब तो हमारा भी हक बनता है.....

tum kyu nahi samjhe..

इन लबों की बेजुबानी तुम नहीं समझे, क्यूं था आंख मे पानी तुम नहीं समझे, यूं तो समझ लेते हो हर गैर जरुरी बात, कभी ज़ज्बात के मानी तुम नहीं समझे, हम तसव्वुर में भी रख दे जां हथेली पर, साथ रहकर भी कहानी तुम नहीं समझे, गिले शिकवे कब के छोड़ दिए हैं हमने, क्यों मुस्कुराने की ठानी तुम नहीं समझे, जर्रे-जर्रे में प्रेम फैल गया खुश्बू बन कर, कब पुष्प ने दी कुर्बानी तुम नहीं समझे।

Nilesh Singh Rajput

*वक्त ने तराशा बहुत कि हीरा बन जाऊँ..* *मैं कोयला ही बना रहा, बिक जाने के खौफ से..*

Nilesh Singh Rajput

*जी लो हर लम्हा बीत जाने से पहले* *लौट कर यादें आती है, वक़्त नहीं*

uski yaden

तेरे जाने से कुछ नही बदला बस पहले जहां दिल होता था अब वहां दर्द होता है....... दर्द ....✍​​
जख्म दिल को देते हैं टूट कर, जो सपने सुनहरे होते हैं, एतबार न करिये कभी उनपर जिनके मासूम चेहरे होते है।             स्वरचित सिद्धार्थ पाण्डेय
Bulbulo ke Pankho mein bandhe hue kabhi Baaz nahi rehte  Buzdilo aur Kayaro ke Haath Kabhi Raaz Nahi Rehte Ser Jhuka ke Chalne ki aadat pad jaaye jis Insaan Ko  Us Insaan ke Ser Per Kabhi Taaj Naahi Rehte